एहसास

कुछ ऐसा हुआ कि रुक गयी मैं,जैसे शोर और हलचल के बीच थम गयी मैं। कुछ अच्छा सा नहीं लग रहा था,बातें, हँसीं, चेहरे, कुछ सच्चा सा नहीं लग रहा था।तो रुक गयी मैं। समझने की कोशिश की पर समझ नहीं…

खूबसूरत मोड़

कुछ अल्फ़ाज़ों की कमी थी शायदकहा कुछ पर वो समझ कुछ और रहे थेजहां चल पड़े थे वो रास्ते अनजान थे वो सड़कें सुनसान थीं, वो चेहरे गुमनाम थे एक मोड़ शायद ग़लत ले लिया था उन्होंने बताने वाले भी…

उम्मीद

इस कठिनाई से भरे जीवन में जीने की आशा ,इस अंधकार की माया में रोशनी की आशा,इस अनजाने सफ़र में मंज़िल को पाने की आशा,इस गीली मिट्टी से महल बनाने की आशा,इस संसार में एक नयी सोच से बदलाव लाने…

जमाल-ए-आलम

अभी काफी बार गिरना बाकी है अभी काफी बार डगमगाना बाकी है हक़ीक़त से वाकिफ हूं मेरे ख़ुदा मगर हौसला अभी भी बाकी है जब तक आफताब की किरणे मुझसे मायूस नहीं होती जब तक हवाएं मुझसे अफ्रार – ए…

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