यह राहें

चल पड़े हो राहों में,ज़िंदगी की बाहो में,ख़्वाबो के संग उड़ना है ,चलना, पाना , जीना है ,ख़्वाबो को हासिल करना है, ख़ुद को क़ाबिल करना है ,इन राहों में चलना है , हर मुश्किल से लड़ना है, बस एक बार…

अभी कहानी बाक़ी है

अब मैंने सोचा जी शुक्रिया याद दिलाने के लिएअरे, और क्या अच्छा सुझाव थाबारिश हो रही थी, किताब हाथ में थीचाय की कमी थी, पर पढ़ते पढ़ते ध्यान नहीं दिया थातुरंत उठ गए हम और बना ली चाय, फिर पढ़ने…

एहसास

कुछ ऐसा हुआ कि रुक गयी मैं,जैसे शोर और हलचल के बीच थम गयी मैं। कुछ अच्छा सा नहीं लग रहा था,बातें, हँसीं, चेहरे, कुछ सच्चा सा नहीं लग रहा था।तो रुक गयी मैं। समझने की कोशिश की पर समझ नहीं…

खूबसूरत मोड़

कुछ अल्फ़ाज़ों की कमी थी शायदकहा कुछ पर वो समझ कुछ और रहे थेजहां चल पड़े थे वो रास्ते अनजान थे वो सड़कें सुनसान थीं, वो चेहरे गुमनाम थे एक मोड़ शायद ग़लत ले लिया था उन्होंने बताने वाले भी…

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top