अलफ़ाज़

अनजान  रास्ते पर अगर तुम खुद से मिल जाओ,किसी अनजान को अपना हमसफ़र बना पाओ,सपने देखना चाहो,उनको पूरा करने की हिम्मत जुटा पाओ,तोह ज़िन्दगी की एहमियत को समझ जाओ,और उसे अपना दोस्त बनाओ

धूप

तेज़ धूप में अक्सर,फूल भी मुरझा जाते हैं,ज़िंदगी  इतनी भी मुश्किल नहीं,जितना उसे हम बनाते हैं,पत्थर और कांटे भी है,ज़िंदगी की राहों पर,मगर जो चलना चाहे उसे,यह सब कहाँ रोक पाते है। Find a BUDDY to share all your problems…

यह सफ़र

यह सफ़र कुछ इस तरह शुरू हुआ, नये रास्ते, अंजान गलियाँ, अजनबी लोग और मैं|हर तरफ़ था शोर , फिर भी कुछ ख़ामोशी सी लगी, उन आवाज़ों , रास्तों और लोगों की कमी सी लगी| मेरी आँखें सब कुछ देख…

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